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Udhampur Bus Accident: उधमपुर में बस दुर्घटना 1 यात्री की मौत कई अन्य घायल

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Udhampur Bus Accident: जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के खोर गली के मोंगरी (Mongri) से उधमपुर (Udhampur) की ओर जा रही एक यात्री बस उधमपुर के मानसर (Maansar) मोड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस दुर्घटना (Udhampur Bus Accident) में एक यात्री की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए हैं।

आज पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलीकाप्टर मिलेगा

भारतीय वायुसेना को आज पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलीकाप्टर मिलेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज जोधपुर में इसे एयरफोर्स के बेड़े में शामिल करेंगे। इसे पाकिस्तान सीमा के पास तैनात किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगी। राष्ट्रपति मुर्मु अहमदाबाद में साबरमती आश्रम से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगी। वह GMERS गांधीनगर में स्वास्थ्य, सिंचाई, जलापूर्ति और बंदरगाह विकास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगी।

यात्रा का केरल चरण 29 सितंबर को पूरा हुआ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से तीन दिन के जम्मू-कश्मीर के दौरे पर होंगे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज कर्नाटक के मैसूर से अपनी भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की। यात्रा का केरल चरण 29 सितंबर को पूरा हुआ था। 150 दिनों की इस यात्रा में 3,570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी

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India Times News: आज से हुए 6 बड़े बदलाव, गैस सिलेंडर भी सस्ता

India Times News: 1 अक्टूबर अपने साथ कई बदलाव लेकर आया है। आज से इनकम टैक्स देने वाले अटल पेंशन स्कीम में निवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा कार्ड पेमेंट के लिए टोकनाइजेशन सिस्टम लागू हो गया है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर भी सस्ता हो गया है। यहां हम ऐसे ही 6 बदलावों के बारे में आपको बता रहे हैं जिनका असर आप पर होगा।

1. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलेगा ज्यादा ब्याज
​​​​​​सरकार ने पोस्ट ऑफिस की कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी की है। 2 साल के टाइम डिपॉजिट पर ब्याज दर को 5.5% से बढ़ाकर 5.7% कर दिया है। 3 साल के टाइम डिपॉजिट पर ब्याज दर को 5.5% से बढ़ाकर 5.8% कर दिया गया है।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर ब्याज दर अब 7.4% से बढ़कर 7.6% हो गई हैं। वहीं, मंथली इनकम अकाउंट स्कीम पर अब 6.6% की बजाय 6.7% सालाना ब्याज मिलेगा। इसके अलावा किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 6.9% से बढ़कर 7.0% हो गई है।

अब किस स्कीम पर मिल रहा कितना ब्याज

स्कीम ब्याज दर (% में)
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम 7.6
सुकन्या समृद्धि योजना 7.6
PPF 7.1
किसान विकास पत्र 7.0
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट 6.8
टाइम डिपॉजिट 6.7
मंथली इनकम स्कीम 6.7
रेकरिंग डिपॉजिट 5.8
सेविंग अकाउंट 4.0

2. इनकम टैक्स देने वाले अटल पेंशन स्कीम में निवेश नहीं कर सकेंगे
अब से इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले अटल पेंशन योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। मौजूदा नियम के अनुसार 18 साल से 40 साल तक की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक सरकार की इस पेंशन योजना से जुड़ सकता है, भले ही वह इनकम टैक्स भरता हो या नहीं। इस योजना के तहत हर महीने 5 हजार रुपए तक की मासिक पेंशन दी जाती है।

3. टोकनाइजेशन सिस्टम लागू होगा
कार्ड पेमेंट के लिए टोकनाइजेशन सिस्टम लागू हो गया। इसके लागू होने के बाद मर्चेंट, पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे ग्राहकों की कार्ड से जुड़ी जानकारी को स्टोर नहीं कर सकेंगे। टोकनाइजेशन सिस्टम लागू करने का उद्देश्य ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड को रोकना है। टोकनाइजेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह एक ही वेबसाइट या ऐप से बार-बार खरीदारी को आसान बनाता है।

4. म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों को नॉमिनेशन डिटेल देना जरूरी
अब से म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए नॉमिनेशन डिटेल देना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने वाले निवेशकों को एक डिक्लेरेशन भरना होगा। डिक्लेरेशन में नॉमिनेशन की सुविधा नहीं लेने की घोषणा करनी होगी।

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) को निवेशक की जरूरतों के अनुसार फिजिकल या ऑनलाइन मोड में नॉमिनेशन फॉर्म या डिक्लेरेशन फॉर्म का विकल्प देना होगा। फिजिकल विकल्प के तहत फॉर्म में निवेशक के सिग्नेचर होंगे, जबकि ऑनलाइन फॉर्म में निवेशक ई-साइन फैसिलिटी का इस्तेमाल कर पाएंगे।

5. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता
इंडियन ऑयल की ओर से 1 अक्टूबर को जारी कीमत के मुताबिक 19 किलो का कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ है। राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 1,885 रुपए से 25.50 घटकर 1859.50 हो गई है। कोलकाता में कीमत 1,995.50 रुपए से 36.5 रुपए घटाकर 1959.00 रुपए कर दी गई है।

इसी तरह मुंबई में इसकी कीमत 1,844 रुपए से 35.5 रुपए कम 1811.50 रुपए और चेन्नई में 2,045 रुपए से 36 रुपए कम होकर 2009 रुपए हो गई है। यह लगातार छठी बार है, जब कीमत में कमी आई है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत नहीं बदली है। दिल्ली में 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमत 1053 रुपए है।

6. डीमैट अकाउंट को लेकर नियमों में बदलाव
आज से डीमैट अकाउंट होल्डर्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी हो गया है। NSE के अनुसार मेंबर्स को अपनी डीमैट अकाउंट में लॉन-इन करने के लिए एक ऑथन्टेकेशन फैक्टर के रूप में बायोमीट्रिक ऑथन्टेकेशन का इस्तेमाल करना होगा। दूसरा ऑथन्टेकेशन एक ‘नॉलेज फैक्टर’ हो सकता है। यह पासवर्ड, पिन या कोई पॉजेशन फैक्टर हो सकता है, जिसकी जानकारी सिर्फ यूजर को होती है।

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samajwadi party: तीसरी बार सपा के मुखिया बने अखिलेश यादव, मुलायम का सपना पूरा करने पर जोर

News Amar Ujala: अमर उजाला से मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में सपा (samajwadi party) द्वारा आयोजित किये गए आयोजन में अखिलेश यादव को तीसरी बार सपा का मुखिया चुना गया है। बताया जा रहा है की अखिलेश यादव को इस बार पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया है

चुनाव अधिकारी प्रो. रामगोपाल यादव ने बताया कि इस पद के लिए तीन प्रस्ताव मिले थे। सभी में अखिलेश को अध्यक्ष चुने जाने की मांग की गई थी। रामगोपाल के अनुसार पहला प्रस्ताव माता प्रसाद पांडेय, ओम प्रकाश सिंह, रविदास मेहरोत्रा, दारा सिंह सहित 25 नेताओं का था। दूसरा प्रस्ताव पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, उदयवीर सिंह, अरविंद सिंह आदि का और तीसरा प्रस्ताव स्वामी प्रसाद मौर्य, कमलकांत, प्रदीप तिवारी, नेहा यादव समेत अन्य 25 नेताओं का था।

मुलायम का सपना पूरा करने पर जोर
– अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पांच साल में सपा (samajwadi party) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाना है क्योंकि यह पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह का सपना है।
– उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी तब मिली है, जब संविधान खतरे में हैं। परिस्थितियां कठिन है, लेकिन हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। सपा नेताओं को जेल भेजा जा रहा है, लेकिन डरेंगे नहीं।
– पार्टी के राजनीतिक व आर्थिक प्रस्ताव में भाजपा पर लोकतंत्र व संविधान का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया। कहा गया कि वह महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर की विरासत पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही है। पूंजीपतियों को बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री के चहेते उद्योगपति की आय 116 फीसदी बढ़ी है। पर्याप्त कोयला होने के बाद भी राज्यों को आयातित कोयला खरीदने का दबाव बनाया गया है।
 

अखिलेश बोले- संविधान को खतरे से बचाने के लिए लोग सपा के साथ आएं

सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी नेताओं को संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। अलग-अलग घटनाओं का जिक्र करते हुए संविधान बचाने के लिए सभी को एकजुट होने की अपील की गई। दलितों, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर भाजपा पर हमल बोला गया। पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं ने संकल्प दिलाया कि अगले पांच वर्षों में सपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाना है, क्योंकि यही पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह का सपना है।

लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में बृहस्पतिवार को पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। पार्टी अध्यक्ष ने राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद पार्टी का झंडा फहराया। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि जिस उम्मीद और विश्वास के साथ उन पर भरोसा जताया गया है उस पर वे खरा उतरने का प्रयास करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली है जब संविधान खतरे में है। अखिलेश ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। सपा संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाकर दबे, कुचले, गरीबों के भविष्य को बेहतर बनाने का काम करेगी।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के सदस्यता अभियान में बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। आने वाले समय में जरूरत पड़ी तो सदस्यता अभियान चलता रहेगा। जो बाबा साहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करना चाहते है वे भी सपा से जुड़ रहे हैं। समाजवादियों की कोशिश है कि बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने वालों को जोड़कर संविधान बचाने का काम किया जाए। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में इतना झूठ बोलने वाली कोई सरकार नहीं है। भाजपा सिर्फ  प्रोपेगंडा कर रही है। हिटलर की सरकार में तो एक प्रोपेगंडा मंत्री था। यहां तो पूरी सरकार ही झूठ के प्रोपेगंडा में लगी हुई है। उन्होंने नोटबंदी, कालाधन, जीएसटी, किसान बिल आदि का जिक्र करते हुए भाजपा पर हमला बोला। अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि नौजवानों के साथ-साथ देश की फौज के साथ भी धोखा हो रहा है। भाजपा सरकारी संस्थाओं का निजीकरण करके संविधान के साथ खिलवाड़ कर रही है।

वोट कटवाकर छीनी गई सत्ता
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए क हा कि सपा से सत्ता छीनी गई है। कई विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट से नाम कटवा दिए गए। विधानसभा चुनाव में हम लोगों को चुनाव आयोग से बहुत उम्मीदें थी, लेकिन चुनाव आयोग ने भाजपा के पन्ना प्रभारियों के इशारे पर सपा समर्थकों और खासकर मुस्लिम और यादव समाज के लोगों के हर विधानसभा में 20 हजार वोट काट दिए। अखिलेश ने कहा कि आज जो हालात है उसमें कोई भी संस्था समाजवादियों की मदद नहीं करेगी, इसलिए समाजवादियों को जमीन पर खुद को मजबूत करना होगा। भरपूर वोट मिला है। दो से तीन प्रतिशत वोट और बढ़ जाता तो बेईमानी करने के बाद भी भाजपा सरकार न बना पाती। इसलिए एक-एक वोट का हिसाब रखना होगा।

समाजवादी लोग डरेंगे नहीं 
अखिलेश ने कहा कि सपा नेताओं को जेल भेजा जा रहा है। आजम खां इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उनके परिवार के हर सदस्य पर मुकदमे लगाए जा रहे हैं। लेकिन समाजवादी लोग डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का वोटबैंक दो से तीन प्रतिशत और बढ़ जाता तो बेईमानी के बाद भी हम चुनाव जीत जाते। इसलिए अभी से बूथों पर तैयारी की जरूरत है। एक-एक वोट पर नजर रखना होगा। इसी तरह पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अपने वक्तव्य में संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

किसी ने गदा तो किसी ने भेंट की तलवार
अध्यक्ष बनने की घोषणा होते ही अखिलेश यादव को पार्टी के नेताओं ने फूल-मालाओं से लाद दिया गया। उन्हें गदा, तलवार, सरोपा, एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीर, शाल आदि भेंट किए। अखिलेश का स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व एमएलसी आनंद भदौरिया, सुनील यादव साजन, विकास यादव, प्रदीप तिवारी, मनीष सिंह, सुशील दीक्षित, नवीन धवन बंटी, देवेंद्र सिंह यादव, अनीस राजा, अखिलेश कटियार, अशोक यादव आदि शामिल थे।

भाजपा पर गांधी, पटेल व आंबेडकर की विरासत कब्जाने का लगाया आरोप

सपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किए गए राजनीतिक व आर्थिक प्रस्ताव में भाजपा पर जमकर हमला बोला गया। भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान का मजाक  उड़ाने का आरोप लगाया गया। प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि भाजपा महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर की विरासत पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही है।

चौधरी ने कहा कि यह प्रस्ताव देश की सियासत को नया आयाम देगा। भाजपा ने सभी लोकतांत्रिक व्यवस्था को ताक कर रखकर अन्याय किया है। भाजपा ने सत्ता के लिए जनता को धोखा दिया। जनहित में कोई कार्य किए बिना अपनी उपलब्धियां गिनाईं। भाजपा सरकार पूंजीपतियों को बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री के चहेते उद्योगपति की आय 116 फीसदी बढ़ी है। कोयला खदान में पर्याप्त कोयला होने के बाद भी राज्यों पर आयातित कोयला खरीदने का दबाव है। उन्होंने कहा कि सपा जातीय जनगणना की मांग कर रही है ताकि जातियों की संख्या के आधार पर उनका हक और सम्मान सुरक्षित रखा जा सके। सपा आरक्षण व्यवस्था जारी रखना चाहती है, जबकि भाजपा इसे खत्म कर रही है।

विभिन्न रिपोर्ट के हवाले से स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, विदेशी कर्ज, महंगाई, औद्योगिक नीति आदि के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए भाजपा सरकार को हर मुद्दे पर फेल बताया गया। इस प्रस्ताव का राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां, पार्टी नेता किरनमय नंदा, स्वामी प्रसाद मौर्य, लालजी वर्मा, सलीम शेरवानी, मनोज पांडेय, माता प्रसाद पांडेय, नेहा यादव, प्रदीप तिवारी समेत अन्य ने समर्थन किया।

सपा के मंच पर कांशीराम की चर्चा
सपा नेता इंद्रजीत सरोज ने बसपा के संगठनात्मक ढांचा की चर्चा करते हुए कहा कि कांशीराम खुद कहते थे कि वह अकेले चले थे, कारवां बनता गया। उन्होंने पीले झंडे और मछली वाले कहकर ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद पर हमला बोला। कहा कि ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

आम जनता की लड़ाई लड़ें : जया

सपा की राज्यसभा सदस्य जया बच्चन ने कहा कि समय परिवर्तन मांग रहा है। वक्त यह तय करने का नहीं है कि किसका सीना 56 इंच का है बल्कि सपा के सभी कार्यकर्ता और नौजवान मिलकर आम जनता की लड़ाई लड़ें।

लखनऊ में डेरा डालने से पार्टी को लाभ नहीं : सुमन
पूर्व सांसद रामजी सुमन ने कहा कि सपा की ताकत में इजाफा तब होगा जब पार्टी के नेता कहने और सुनने की क्षमता विकसित करेंगे। सुविधाभोगी की प्रवृत्ति छोड़नी होगी। जनता को विश्वास दिलाना होगा कि उनके साथ सपाई खड़े हैं, तभी ताकत बढ़ेगी। अक्सर लखनऊ में डेरा जमाने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग पार्टी का भला नहीं कर सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व को भी यह समझना होगा।

अपना इतिहास पढ़ें समाजवादी : प्रो. रामगोपाल
प्रो. रामगोपाल यादव ने पार्टी नेताओं का आह्वान किया कि 2024 की सरकार सपा के बिना न बने। इसके लिए अभी से तैयारी करनी होगी। सपा की सदस्यता लेने वाले और नेता बनने वालों को डॉ. लोहिया को पढ़ना होगा। उन्होेंने अ ग्रामर ऑफ पॉलिटिक्स नामक किताब पढ़ने की सलाह दी।

मदरसा सर्वे का मुद्दा भी उठा
मौलाना इकबाल कादरी ने कहा कि मदरसे से सिर्फ मौलाना नहीं निकलते। यहां से डॉक्टर, इंजीनियर भी निकल रहे हैं। राज्यसभा सदस्य जावेद अली ने कहा कि जो लोग मदरसे में आतंकवादी पैदा होने संबंधी बयान दे रहे हैं, वे लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं। सपा महाराष्ट्र इकाई के प्रदेश अध्यक्ष रहे अबु आसिम आजमी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में मुसलमानों ने बड़ी कुर्बानी दी है। स्वदेशी आंदोलन की सफलता के लिए मुसलमानों ने विदेशी कंपनियां छोड़ दीं। उस वक्त ज्यादातर मल्टीनेशनल कंपनी का संचालन मुसलमान कर रहे थे। आज मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है।

Vodafone Idea news : नवंबर से बंद हो सकती है वोडा-आइडिया की सर्विस

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Vodafone Idea news : अगर आप भी वोडा-आइडिया (Vodafone Idea) यूज़र हैं तो आपके लिए व् अन्य 25 करोड़ यूज़र्स के लिए बुरी खबर हो सकती है। हाल ही में जानकारी मिली है की वोडा-आइडिया ने इंडस टावर्स का कर्ज तकरीबन 10 हजार करोड़ का कर्ज नहीं चुकाया है जिसकी वजह से इंडस टावर्स ने चेतावनी देते हुए कहा है की यही वोडाफोन आईडिया एक महीने के अंदर कर्ज नहीं चुकाती है तो वह सर्विस देना बंद कर देगी।

इंडस टावर्स एक टावर कम्पनी है जो की एयरटेल वोडाफोन आईडिया जैसी कम्पनी के नेटवर्क के लिए टावर लगाने का काम करती है। जिसका वोडाफोन आईडिया द्वारा 10 करोड़ का कर्ज नहीं चुकाया है गया जिसके बाद इंडस टावर्स ने वोडाफोन आईडिया ने यह चेतावनी दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक वादा फोन आईडिया का पर 30 सितंबर, 2021 तक 1,94,780 करोड़ रुपए का कुल कर्ज था। जिसके बाद अप्रैल-जून तिमाही, 2022 के अंत में यह कर्ज बढ़कर 1,99,080 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

घट रहे वोडा-आइडिया के यूजर
टेलीकॉम सेकटर में रिलाइंस जियो का दबदबा बढ़ता जा रहा है।टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के अनुसार जुलाई में वोडाफोन-आइडिया कंपनी के 15.4 लाख यूजर्स ने नेटवर्क को छोड़ा है। इससे कंपनी के कुल उपभोक्ताओं की संख्या 25.51 करोड़ रह गई है।

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Lakhimpur Bus Accident: गांजर मुख्यालय धौरहरा टू बसंतापुर-भौआपुर-सरसवा वाया रेहुआ चौरहा से सीधा राजधानी लखनऊ के पक्के पुल तक चलने वाली यात्री बस। ये वही बस थी जो धौरहरा से सुबह सात बजे चलती थी और पूर्वान्ह 11 बजे तक हर हाल में लखनऊ के पक्के पुल के पास इन सवारियों को उतारती थी। ये बस गांजर इलाके के उन सैकड़ों जरूरतमंदों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती थी जिनको कोर्ट कचेहरी, दवा इलाज, धंधा रोजगार के लिए हर दिन लखनऊ समय से पहुंचना होता था। उसी बस ने बुधवार को एक ऐसी दर्दनाक कहानी लिखी कि लोगों के मुंह से हाय भी नहीं निकली और एक के बाद एक आठ लोग काल के गाल में समा गए और दो दर्जन से ज्यादा गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

परिवहन विभाग की लापरवाही

ये सरकारीतंत्र का नाकारापन था…जनप्रतिनिधयों की अनदेखी या फिर परिवहन विभाग की लापरवाही अब ये जिम्मेदारी कौन तय करे। जब एक प्राइवेट बस गांजर इलाके के उन सैकड़ों लोगों की जरूरत समझती थी जिनको हर दिन लखनऊ जाना होता था तो उस रूट से कोई सरकारी बस क्यों नहीं गुजारी जा रही थी। क्यों? एक प्राइवेट बस को जानबूझकर मौका दिया जा रहा था ये जानते हुए कि ये बस गांजर इलाके के लिए बेहद मुफीद आवश्यक है। तो क्यों सालों से इस रूट पर हो रहे संचालन पर सरकारी तंत्र की नजर नहीं पड़ी क्यों इस ट्रैक पर सरकारी बसों का संचालन नहीं बढ़वाया गया।

भूसे की तरह भरे गए थे यात्री

सवाल लाख टके का है लेकिन जवाब किसी के पास नहीं। गांव वालों की मानें तो ये बस सुबह ठीक सात बजे धौरहरा से निकल कर सीधे बसंतापुर गांव के सामने रुकती और वहां पहले से ही इंतजार कर रहे यात्री जिनको केवल लखनऊ जाना होता वह सवार हो जाते थे। इसी तरह से ये बस भौव्वापुर, सरसवा और रेहुआ चौराहे से भी यात्रियों को बिठाती और फिर सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो जाती। खास बात ये भी है कि यही बस जिन यात्रियों को वापस आना होता था उनको भी यही बस उनके गंत्व्य यानि धौरहरा तक वापस लेकर आती थी। बुधवार को यही बस हादसे का शिकार हुई उसमें भूसे की तरह सवार यात्री भागना तो दूर अपनी जगह से हिल तक न सके।

मोबाइल पर अपनों से अपनों की खोज खबर लेते रहे लोग

हेलो…हां जिज्जी। कहां हो….हाय भैया हम तो चीड़खाना पर हन। तुमरे दौआ नाय रहे। ये कहते कहते एक महिला फोन पर ही दहाड़े मारकर रोने लगी। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़ और हर दूसरे कान में लगे मोबाइल से लोग अपनों से अपनों का हाल जानने में जुटे रहे। किसी का भाई, किसी का पिता और किसी का पति ही स्वर्ग सिधार गया था और अब लोग चीख पुकार के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहे थे। लोग एक दूसरे को आश्वासन दे रहे थे लेकिन रह-रह कर उठती चीत्कार मानों हादसे की भयावहता को आखों के सामने ही ला रही थी।

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Ankita Murder Case: सुबह चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद, अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा उत्तराखंड मुख्यमंत्री

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Ankita Murder Case : ऋषिकेश (Rishikesh) में सामने आए अंकिता हत्‍याकांड (ankita murder case) मामले के बाद से उत्‍तराखंड (uttrakhand) में उबाल है। इसी क्रम में मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने एसआइटी (SIT) गठित करने के आदेश दिए हैं। उन्‍होंने इंटरनेट मीडिया पर पोस्‍ट कर इसकी जानकारी दी है।

अपनी पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक पीरेणुका देवी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए गए हैं।

जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

मुख्‍यमंत्री धामी ने आगे लिखा आरोपियों के गैर कानूनी रूप से बने रिजॉर्ट पर बुल्डोजर द्वारा कार्रवाई भी शुक्रवार देर रात की गई है। हमारा संकल्प है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं शनिवार सुबह चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद होने के बाद मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त की हैं। उन्‍होंने लिखा है कि आज प्रातः काल बेटी अंकिता का पार्थिव शव बरामद कर लिया गया। इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है।

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मुख्यमंत्री ने दिए राज्य के सभी रिसार्ट की जांच के आदेश

ऋषिकेश के अंकिता हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी रिसार्ट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे प्रत्येक रिसार्ट की गहनता से पड़ताल सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जो रिसार्ट अवैध रूप से बने हैं अथवा अवैधानिक रूप से संचालित हो रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

साथ ही राज्यभर में स्थित होटल, रिसार्ट, गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा है कि जहां भी शिकायतें मिलती हैं, उन पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।

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कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड को लेकर सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस को अंकिता हत्याकांड ने राज्य सरकार को घेरने का मौका दे दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने इस घटना को मानवता को शर्मसार और देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता को कलंकित करने वाला जघन्य अपराध बताया।

करन माहरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। भाजपा सरकार में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

भाजपा नेता के रिसार्ट में अंकिता भंडारी के साथ हुई जघन्य अपराध की घटना इसका उदाहरण है। लापता हुई युवती की चार दिन तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न करना महिला सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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भाजपा के दबाव में रिपोर्ट लिखने में हुई देरी: यशपाल आर्य

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश से लगे यमकेश्वर में हुई अंकिता की हत्या प्रदेश के लिए निराशाजनक स्थिति है।

इस मामले में रिपोर्ट लिखने में देरी के पीछे निश्चित रूप से भाजपा का दबाव होगा। सरकार ने अंतिम समय तक आरोपी को बचाने की कोशिश की। साथ में मामले को कमजोर करने की हर तकनीकी कोशिश भी की गई।

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Delhi to Lucknow Tejas Express: दिल्ली से लखनऊ के लिए हफ्ते में 6 दिन चलेगी तेजस

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Delhi to Lucknow Tejas Express: दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. त्योहारों में अत्यधिक भीड़ की वजह से रेलवे ने लखनऊ तेजस एक्सप्रेस (Lucknow Tejas Express) को हफ्ते में 6 दिन चलाने का निर्णय लिया है. ट्रेन संख्या 82501/82502 लखनऊ-नई दिल्ली -लखनऊ तेजस एक्सप्रेस अब तत्काल प्रभाव से हफ्ते में 6 दिन चलेगी. केवल मंगलवार को इस ट्रेन का अवकाश होगा. हालांकि 24 अक्टूबर को दिवाली वाले दिन यह ट्रेन कैंसिल रहेगी और अगले दिन यानी 25 अक्टूबर मंगलवार को चलेगी.

रेलवे ने 30 से अधिक ट्रेनों को किया रद्द
दक्षिण पूर्व रेलवे ने लंबी दूरी की लगभग 34 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  (सीपीआरओ) आदित्य कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी. बताया जा रहा है कि झारखंड में आदिवासी समुदाय के विरोध प्रदर्शन के कारण इन ट्रेनों को रद्द किया गया है.  इसके अलावा कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट किये गए हैं. ट्रेनों के रद्द होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के मुताबिक, छोटानागपुर आदिवासी समुदाय-कुर्मू और महतो समाज ने मंगलवार को पश्चिम मेदिनीपुर और झारग्राम जिलों के बीच खेमाशुली क्षेत्र में राष्ट्रीय सड़क नाकाबंदी और रेल रोको कार्यक्रम का आह्वान किया, जिसके बाद दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्वी रेलवे की कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द किया गया है. दरअसल उनकी मांग है कि कुर्मियों को  अनुसूचित जनताजि (एसटी) श्रेणी के तहत सूचीबद्ध किया जाए.

अब ट्रेन में नहीं होंगे गार्ड
रेलवे के नए फैसले के मुताबिक अब ट्रेन में गार्ड नहीं होंगे. दरअसल रेलवे ने गार्ड का पदनाम बदलने का फैसला किया है. रेलवे के कर्मचारियों की मांग के अनुसार अब रेल गार्ड को ट्रेन मैनेजर के नाम से जाना जाएगा.

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Sonu sood in patna: सोनू सूद के प्रोग्राम में आदर्श आनंद को बुलाया लेकिन फिर मनीष कश्यप ने नहीं उठाया फ़ोन

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Sonu sood in patna: बीते दिनों बिहार पहुंचे सोनू सूद (Sonu sood) के स्वागत के लिए लोगों की लम्बी लाइन लग गयी थी। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद अपनी दरिया दिली के लिए लोगों के बीच काफी मशहूर हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सोनू सूद के स्वागत के लिए सैकड़ों लोगों ने एयरपोर्ट पर आंखे जमा रखी थीं।

एक्टर सोनू सूद एक समाजसेवी के रूप में अपने फंस के दिलों में राज करते हैं। बिहार पहुंचे सोनू सूद (Sonu sood in patna) ने बापू सभागार में किए गए फैशन शो में शिरकत की। जानकरी के मुताबिक सोनू सूद जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर उतरे उन्होंने ने तुरंत तीती चोखा खाया।
image credit- hindustan

लोगों का आरोप है की यह प्रोग्राम मनीष कश्यप की देख रेख में हुआ था जिसमें टिकटॉक स्टार आदर्श आनंद को बुलाया गया था लेकिन। आदर्श आनंद को वहां न पा कर फैंस काफी गुस्से में दिखे। एक वीडियो में आदर्श आनंद ने बताया है की उनको सोनू सूद के स्वागत समारोह में मनीष कश्यप द्वारा बुलाया गया था लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो मनीष कश्यप द्वारा फ़ोन नहीं उठाया गया। स्थानीय पत्रकारों की मानें तो उनसे पैसे लेकर सभागार में जाने की अनुमति दी गयी थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सोनू सूद के प्रोग्राम में एंट्री टिकट 1199 रूपये की थी जिसमें जिक्र किया गया था की आदर्श आनंद को भी बुलाया जाएगा।

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Sardar Sarovar Project: हर प्रभावित परिवार को मिलेंगे 60 लाख रुपये

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Sardar Sarovar Project: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को नर्मदा नदी (Narmada river) पर सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project) से प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक के लिए 60 लाख रुपये के अंतिम मुआवजे के भुगतान का निर्देश देने वाले अपने 2017 के आदेश में संशोधन की मांग वाली एक याचिका को गुरुवार को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि एक बार अंतिम निपटान पैकेज 60 लाख रुपये प्रति परिवार के रूप में निर्धारित किया गया है, इसमें संशोधन नहीं होगा क्योंकि यह इस अदालत के आदेश की एक वास्तविक समीक्षा होगी।

वकील ने कहा, वास्तविक मुआवजा 1.28 करोड़ रुपये

अधिवक्ता संजय पारिख ने एक विस्थापित की ओर से दलीलें आगे बढ़ाते हुए कहा कि नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण की मदों में आवेदक का हक 4.293 हेक्टेयर भूमि का होना चाहिए था। पारिख ने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश को ठीक से पढ़ने से पता चलता है कि मुआवजा 30 लाख प्रति हेक्टेयर आंका जाएगा और वास्तविक मुआवजा 1.28 करोड़ रुपये होगा।

60 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि 2017 का आदेश अनुच्छेद 142 के तहत पारित किया गया था और एक संशोधन या स्पष्टीकरण आदेश पारित नहीं किया जा सकता क्योंकि यह अदालत के फैसले की एक वास्तविक समीक्षा होगी। शीर्ष अदालत ने 8 फरवरी, 2017 को मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर परियोजना (एसएसपी) के प्रत्येक विस्थापित परिवार के लिए 60 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।

एक महीने के भीतर जमीन खाली कर देंगे।

ऐसे 681 परिवारों की शिकायतों को दूर करने के लिए कई दिशा-निर्देश पारित करते हुए, शीर्ष अदालत ने दो हेक्टेयर भूमि के लिए प्रति परिवार 60 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, और वचन लिया गया था कि वे एक महीने के भीतर जमीन खाली कर देंगे। ऐसा नहीं करने पर अधिकारियों को उन्हें जबरन बेदखल करने का अधिकार होगा। इससे पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अकेले मध्य प्रदेश में 192 गांव और एक बस्ती प्रभावित होगी और लगभग 45,000 प्रभावित लोगों का पुनर्वास किया जाना बाकी है। एनबीए ने कहा था कि हजारों आदिवासियों और किसानों सहित सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित कई वर्षों से भूमि आधारित पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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बार-बार खून की कमी या ब्लड इन्फेक्शन कहीं blood cancer तो नहीं?

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Welfare of Cancer Patients Day: कैंसर नाम से ही डर लगता है. मगर बॉडी (body) में इसका बनना छुपे रुस्तम की तरह होता है. कैंसर स्पेशलिस्ट (cancer specialist) के अनुसार, जो लोग नियमित तौर पर जांच कराते हैं. उन्हें ही कैंसर की जानकारी हो पाती है. बाकि को तीसरी या चौथी(last stage of cancer) स्टेज पर पता चलता है. ब्लड कैंसर (blood cancer) भी ऐसे ही कैंसर में से एक है. ब्लड (blood) में होने वाली चेंजिग का इफेक्ट बॉडी पर नहीं दिखता और जब दिखना शुरू होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. ब्लड बार बार कम हो रहा है, कम बन रहा है. या फिर ब्लड जांच में अधिक इंफेक्शन आया है तो समझ लीजिए यह ब्लड कैंसर का संकेत है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा होने पर तुरंत जांच कराएं.

क्यों होता है ब्लड कैंसर
आज वर्ल्ड रोज डे है. कैंसर की अवेयरनेस को लेकर मनाए जाने वाले दिन पर आज ब्लड कैंसर के प्रकार(types of blood cancer), लक्षण, कारण और बचाव जान लेते है. ब्लड कैंसर की शुरुआत बॉडी में मौजूद कोशिकाओं में होने वाले बदलाव से जुड़ी है. यह बदलाव ब्लड या अस्थि मज्जा(bone marrow) में होता है. इसे ब्लड कैंसर का प्राइमरी इंफेक्शन माना जाता है. यही इंफेक्शन बाद में पूरे शरीर में फैल जाता है. फिर एक ऐसी स्थिति आती है, जब रक्त कैंसर की ये कोशिकाएं खत्म न होकर और बढ़ती ही जाती हैं.

कितनी तरह का होता है ब्लड कैंसर
ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, माइलोमा कैंसर को स्पेशली 3 तरह का माना जाता है. इनको थोड़ा डीपली समझ लेते हैं.

1- ल्यूकेमिया: ल्यूकेमिया कैंसर भी खुद में चार तरह का होता है.

एक्यूट ल्यूकेमिया

जब ब्लड और बोनमैरो के सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और ब्लड व बोनमैरो में इकट्ठा होने लगते हैं. यही स्थिति एक्यूट ल्यूकेमिया की होती है.

क्रोनिक ल्यूकेमिया
शरीर में कुछ अविकसित सेल्स के बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. यह समय के साथ बहुत तेजी से बढ़ता है. इलाज न मिलने पर बहुत पेनफुल होता है.

लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया
इस स्थिति में बोनमैरो के सेल्स व्हाइट सेल्स में बदलना शुरू हो जाते है. व्हाइट सेल्स की संख्या बहुत तेजी से लाखों में पहुंच जाती है.

मैलोजनस ल्यूकेमिया
बोनमैरो कोशिकाओं के द्वारा रेडब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड़सेल्स के अलावा बहुत तेजी से प्लेटलेट्स का निर्माण होने लगता है.

2. लिम्फोमा
लिम्फोसाइट्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है. ब्लड जांच कराने पर इसका पता चल जाता है. दवा और रेडिएशन थेरेपी से इसका विस्तार कुछ स्लो हो जाता है. अधिक बढ़ने पर सर्जरी ही इसका एकमात्र उपचार है.

माइलोमा
प्लाज्मा कोशिकाएं, बोन मैरो में एक प्रकार की खून की सफेद कोशिकाएं होती हैं. इस स्थिति में प्लाज्मा कोशिकाओं का एक ग्रुप कैंसर सेल्स लेकर तेज़ी से बढ़ने लगता है. यह हड्डियों, इम्यून सिस्टम, किडनी और ब्लड रेड सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है.

Symptoms भी जान लीजिए
थकान अधिक रहना, भूख कम लगना, पेट में सूजन आना, मुंह, गले, स्किन और फेफड़ों में इंफेक्शन होना, बिना किसी वजह के वजन कम होना, बार बार बुखार आना, हड्डी और मशल्स में अधिक दर्द होना, उल्टी-दस्त होना, जबड़े में सूजन, स्किन पर खुजली और धब्बे(spot) बनना ब्लड कैंसर के लक्षण हैं.

लक्षण हैं तो डॉक्टर को दिखाएं
बॉडी यदि ब्लड कैंसर जैसे इंडिकेशन दे रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए. डॉक्टर ब्लड व अन्य जांच कराकर कैंसर होने या न होने की पुष्टि कर देता है. बाद में कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी   और दवाओं से इलाज शुरू कर दिया जाता है. डॉक्टर यह भी देखता है कि कैंसर पहली, दूसरी या फिर एडवांस स्टेज में है. उसी के आधार पर मरीज का इलाज किया जाता है.

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