Ankita Murder Case: सुबह चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद, अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा उत्तराखंड मुख्यमंत्री

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Ankita Murder Case : ऋषिकेश (Rishikesh) में सामने आए अंकिता हत्‍याकांड (ankita murder case) मामले के बाद से उत्‍तराखंड (uttrakhand) में उबाल है। इसी क्रम में मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने एसआइटी (SIT) गठित करने के आदेश दिए हैं। उन्‍होंने इंटरनेट मीडिया पर पोस्‍ट कर इसकी जानकारी दी है।

अपनी पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक पीरेणुका देवी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए गए हैं।

जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

मुख्‍यमंत्री धामी ने आगे लिखा आरोपियों के गैर कानूनी रूप से बने रिजॉर्ट पर बुल्डोजर द्वारा कार्रवाई भी शुक्रवार देर रात की गई है। हमारा संकल्प है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं शनिवार सुबह चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद होने के बाद मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने अपनी संवेदनाएं व्‍यक्‍त की हैं। उन्‍होंने लिखा है कि आज प्रातः काल बेटी अंकिता का पार्थिव शव बरामद कर लिया गया। इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है।

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मुख्यमंत्री ने दिए राज्य के सभी रिसार्ट की जांच के आदेश

ऋषिकेश के अंकिता हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी रिसार्ट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे प्रत्येक रिसार्ट की गहनता से पड़ताल सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जो रिसार्ट अवैध रूप से बने हैं अथवा अवैधानिक रूप से संचालित हो रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

साथ ही राज्यभर में स्थित होटल, रिसार्ट, गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा है कि जहां भी शिकायतें मिलती हैं, उन पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।

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कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड को लेकर सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस को अंकिता हत्याकांड ने राज्य सरकार को घेरने का मौका दे दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने इस घटना को मानवता को शर्मसार और देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता को कलंकित करने वाला जघन्य अपराध बताया।

करन माहरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। भाजपा सरकार में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

भाजपा नेता के रिसार्ट में अंकिता भंडारी के साथ हुई जघन्य अपराध की घटना इसका उदाहरण है। लापता हुई युवती की चार दिन तक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न करना महिला सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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भाजपा के दबाव में रिपोर्ट लिखने में हुई देरी: यशपाल आर्य

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश से लगे यमकेश्वर में हुई अंकिता की हत्या प्रदेश के लिए निराशाजनक स्थिति है।

इस मामले में रिपोर्ट लिखने में देरी के पीछे निश्चित रूप से भाजपा का दबाव होगा। सरकार ने अंतिम समय तक आरोपी को बचाने की कोशिश की। साथ में मामले को कमजोर करने की हर तकनीकी कोशिश भी की गई।

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Delhi to Lucknow Tejas Express: दिल्ली से लखनऊ के लिए हफ्ते में 6 दिन चलेगी तेजस

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Delhi to Lucknow Tejas Express: दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. त्योहारों में अत्यधिक भीड़ की वजह से रेलवे ने लखनऊ तेजस एक्सप्रेस (Lucknow Tejas Express) को हफ्ते में 6 दिन चलाने का निर्णय लिया है. ट्रेन संख्या 82501/82502 लखनऊ-नई दिल्ली -लखनऊ तेजस एक्सप्रेस अब तत्काल प्रभाव से हफ्ते में 6 दिन चलेगी. केवल मंगलवार को इस ट्रेन का अवकाश होगा. हालांकि 24 अक्टूबर को दिवाली वाले दिन यह ट्रेन कैंसिल रहेगी और अगले दिन यानी 25 अक्टूबर मंगलवार को चलेगी.

रेलवे ने 30 से अधिक ट्रेनों को किया रद्द
दक्षिण पूर्व रेलवे ने लंबी दूरी की लगभग 34 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  (सीपीआरओ) आदित्य कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी. बताया जा रहा है कि झारखंड में आदिवासी समुदाय के विरोध प्रदर्शन के कारण इन ट्रेनों को रद्द किया गया है.  इसके अलावा कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट किये गए हैं. ट्रेनों के रद्द होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के मुताबिक, छोटानागपुर आदिवासी समुदाय-कुर्मू और महतो समाज ने मंगलवार को पश्चिम मेदिनीपुर और झारग्राम जिलों के बीच खेमाशुली क्षेत्र में राष्ट्रीय सड़क नाकाबंदी और रेल रोको कार्यक्रम का आह्वान किया, जिसके बाद दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्वी रेलवे की कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द किया गया है. दरअसल उनकी मांग है कि कुर्मियों को  अनुसूचित जनताजि (एसटी) श्रेणी के तहत सूचीबद्ध किया जाए.

अब ट्रेन में नहीं होंगे गार्ड
रेलवे के नए फैसले के मुताबिक अब ट्रेन में गार्ड नहीं होंगे. दरअसल रेलवे ने गार्ड का पदनाम बदलने का फैसला किया है. रेलवे के कर्मचारियों की मांग के अनुसार अब रेल गार्ड को ट्रेन मैनेजर के नाम से जाना जाएगा.

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Sonu sood in patna: सोनू सूद के प्रोग्राम में आदर्श आनंद को बुलाया लेकिन फिर मनीष कश्यप ने नहीं उठाया फ़ोन

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Sonu sood in patna: बीते दिनों बिहार पहुंचे सोनू सूद (Sonu sood) के स्वागत के लिए लोगों की लम्बी लाइन लग गयी थी। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद अपनी दरिया दिली के लिए लोगों के बीच काफी मशहूर हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सोनू सूद के स्वागत के लिए सैकड़ों लोगों ने एयरपोर्ट पर आंखे जमा रखी थीं।

एक्टर सोनू सूद एक समाजसेवी के रूप में अपने फंस के दिलों में राज करते हैं। बिहार पहुंचे सोनू सूद (Sonu sood in patna) ने बापू सभागार में किए गए फैशन शो में शिरकत की। जानकरी के मुताबिक सोनू सूद जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर उतरे उन्होंने ने तुरंत तीती चोखा खाया।
image credit- hindustan

लोगों का आरोप है की यह प्रोग्राम मनीष कश्यप की देख रेख में हुआ था जिसमें टिकटॉक स्टार आदर्श आनंद को बुलाया गया था लेकिन। आदर्श आनंद को वहां न पा कर फैंस काफी गुस्से में दिखे। एक वीडियो में आदर्श आनंद ने बताया है की उनको सोनू सूद के स्वागत समारोह में मनीष कश्यप द्वारा बुलाया गया था लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो मनीष कश्यप द्वारा फ़ोन नहीं उठाया गया। स्थानीय पत्रकारों की मानें तो उनसे पैसे लेकर सभागार में जाने की अनुमति दी गयी थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें की सोनू सूद के प्रोग्राम में एंट्री टिकट 1199 रूपये की थी जिसमें जिक्र किया गया था की आदर्श आनंद को भी बुलाया जाएगा।

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Sardar Sarovar Project: हर प्रभावित परिवार को मिलेंगे 60 लाख रुपये

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Sardar Sarovar Project: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को नर्मदा नदी (Narmada river) पर सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project) से प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक के लिए 60 लाख रुपये के अंतिम मुआवजे के भुगतान का निर्देश देने वाले अपने 2017 के आदेश में संशोधन की मांग वाली एक याचिका को गुरुवार को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि एक बार अंतिम निपटान पैकेज 60 लाख रुपये प्रति परिवार के रूप में निर्धारित किया गया है, इसमें संशोधन नहीं होगा क्योंकि यह इस अदालत के आदेश की एक वास्तविक समीक्षा होगी।

वकील ने कहा, वास्तविक मुआवजा 1.28 करोड़ रुपये

अधिवक्ता संजय पारिख ने एक विस्थापित की ओर से दलीलें आगे बढ़ाते हुए कहा कि नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण की मदों में आवेदक का हक 4.293 हेक्टेयर भूमि का होना चाहिए था। पारिख ने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश को ठीक से पढ़ने से पता चलता है कि मुआवजा 30 लाख प्रति हेक्टेयर आंका जाएगा और वास्तविक मुआवजा 1.28 करोड़ रुपये होगा।

60 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि 2017 का आदेश अनुच्छेद 142 के तहत पारित किया गया था और एक संशोधन या स्पष्टीकरण आदेश पारित नहीं किया जा सकता क्योंकि यह अदालत के फैसले की एक वास्तविक समीक्षा होगी। शीर्ष अदालत ने 8 फरवरी, 2017 को मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर परियोजना (एसएसपी) के प्रत्येक विस्थापित परिवार के लिए 60 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।

एक महीने के भीतर जमीन खाली कर देंगे।

ऐसे 681 परिवारों की शिकायतों को दूर करने के लिए कई दिशा-निर्देश पारित करते हुए, शीर्ष अदालत ने दो हेक्टेयर भूमि के लिए प्रति परिवार 60 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था, और वचन लिया गया था कि वे एक महीने के भीतर जमीन खाली कर देंगे। ऐसा नहीं करने पर अधिकारियों को उन्हें जबरन बेदखल करने का अधिकार होगा। इससे पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन ने शीर्ष अदालत को बताया था कि अकेले मध्य प्रदेश में 192 गांव और एक बस्ती प्रभावित होगी और लगभग 45,000 प्रभावित लोगों का पुनर्वास किया जाना बाकी है। एनबीए ने कहा था कि हजारों आदिवासियों और किसानों सहित सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित कई वर्षों से भूमि आधारित पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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बार-बार खून की कमी या ब्लड इन्फेक्शन कहीं blood cancer तो नहीं?

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Welfare of Cancer Patients Day: कैंसर नाम से ही डर लगता है. मगर बॉडी (body) में इसका बनना छुपे रुस्तम की तरह होता है. कैंसर स्पेशलिस्ट (cancer specialist) के अनुसार, जो लोग नियमित तौर पर जांच कराते हैं. उन्हें ही कैंसर की जानकारी हो पाती है. बाकि को तीसरी या चौथी(last stage of cancer) स्टेज पर पता चलता है. ब्लड कैंसर (blood cancer) भी ऐसे ही कैंसर में से एक है. ब्लड (blood) में होने वाली चेंजिग का इफेक्ट बॉडी पर नहीं दिखता और जब दिखना शुरू होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. ब्लड बार बार कम हो रहा है, कम बन रहा है. या फिर ब्लड जांच में अधिक इंफेक्शन आया है तो समझ लीजिए यह ब्लड कैंसर का संकेत है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा होने पर तुरंत जांच कराएं.

क्यों होता है ब्लड कैंसर
आज वर्ल्ड रोज डे है. कैंसर की अवेयरनेस को लेकर मनाए जाने वाले दिन पर आज ब्लड कैंसर के प्रकार(types of blood cancer), लक्षण, कारण और बचाव जान लेते है. ब्लड कैंसर की शुरुआत बॉडी में मौजूद कोशिकाओं में होने वाले बदलाव से जुड़ी है. यह बदलाव ब्लड या अस्थि मज्जा(bone marrow) में होता है. इसे ब्लड कैंसर का प्राइमरी इंफेक्शन माना जाता है. यही इंफेक्शन बाद में पूरे शरीर में फैल जाता है. फिर एक ऐसी स्थिति आती है, जब रक्त कैंसर की ये कोशिकाएं खत्म न होकर और बढ़ती ही जाती हैं.

कितनी तरह का होता है ब्लड कैंसर
ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, माइलोमा कैंसर को स्पेशली 3 तरह का माना जाता है. इनको थोड़ा डीपली समझ लेते हैं.

1- ल्यूकेमिया: ल्यूकेमिया कैंसर भी खुद में चार तरह का होता है.

एक्यूट ल्यूकेमिया

जब ब्लड और बोनमैरो के सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और ब्लड व बोनमैरो में इकट्ठा होने लगते हैं. यही स्थिति एक्यूट ल्यूकेमिया की होती है.

क्रोनिक ल्यूकेमिया
शरीर में कुछ अविकसित सेल्स के बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. यह समय के साथ बहुत तेजी से बढ़ता है. इलाज न मिलने पर बहुत पेनफुल होता है.

लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया
इस स्थिति में बोनमैरो के सेल्स व्हाइट सेल्स में बदलना शुरू हो जाते है. व्हाइट सेल्स की संख्या बहुत तेजी से लाखों में पहुंच जाती है.

मैलोजनस ल्यूकेमिया
बोनमैरो कोशिकाओं के द्वारा रेडब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड़सेल्स के अलावा बहुत तेजी से प्लेटलेट्स का निर्माण होने लगता है.

2. लिम्फोमा
लिम्फोसाइट्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है. ब्लड जांच कराने पर इसका पता चल जाता है. दवा और रेडिएशन थेरेपी से इसका विस्तार कुछ स्लो हो जाता है. अधिक बढ़ने पर सर्जरी ही इसका एकमात्र उपचार है.

माइलोमा
प्लाज्मा कोशिकाएं, बोन मैरो में एक प्रकार की खून की सफेद कोशिकाएं होती हैं. इस स्थिति में प्लाज्मा कोशिकाओं का एक ग्रुप कैंसर सेल्स लेकर तेज़ी से बढ़ने लगता है. यह हड्डियों, इम्यून सिस्टम, किडनी और ब्लड रेड सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है.

Symptoms भी जान लीजिए
थकान अधिक रहना, भूख कम लगना, पेट में सूजन आना, मुंह, गले, स्किन और फेफड़ों में इंफेक्शन होना, बिना किसी वजह के वजन कम होना, बार बार बुखार आना, हड्डी और मशल्स में अधिक दर्द होना, उल्टी-दस्त होना, जबड़े में सूजन, स्किन पर खुजली और धब्बे(spot) बनना ब्लड कैंसर के लक्षण हैं.

लक्षण हैं तो डॉक्टर को दिखाएं
बॉडी यदि ब्लड कैंसर जैसे इंडिकेशन दे रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए. डॉक्टर ब्लड व अन्य जांच कराकर कैंसर होने या न होने की पुष्टि कर देता है. बाद में कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी   और दवाओं से इलाज शुरू कर दिया जाता है. डॉक्टर यह भी देखता है कि कैंसर पहली, दूसरी या फिर एडवांस स्टेज में है. उसी के आधार पर मरीज का इलाज किया जाता है.

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NIA ED Raid: टेरर फंडिंग मामले में NIA और ED की 10 राज्यों में रेड, 100 लोगों से अधिक गिरफ्तार

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NIA ED Raid: देश में बढ़ रही आतंकी गतिविधियां को मद्देनजर रखते हुए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और परिवर्तन निदेशालय (ED) अपने पूरे एक्शन मोड में आ चुकी है। इंडिया टाइम न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA)और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तमिलनाडु, केरल समेत देश के 10 राज्यों में पफी के के ठिकानो पर छापेमारी की है। अमर उजाला से मिली जानकारी के मुताबिक NIA और ED के द्वारा की गयी छापेमारी में तक़रीबन 100 लोगों से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जिन राज्यों में एनआईए ने छापेमारी की है उनमें यूपी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश समेत 10 राज्य शामिल हैं। पीएफआई और उससे जुड़े लोगों की ट्रेनिंग गतिविधियों, टेरर फंडिंग और लोगों को संगठन से जोड़ने के खिलाफ ये अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

पीएफआई अध्यक्ष के घर पर छापेमारी, जांच एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

NIA और ED ने मलप्पुरम जिले के मंजेरी में OMA सलाम, PFI अध्यक्ष के घर पर छापेमारी की। इस दौरान PFI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा कर्नाटक के मंगलुरु में भी NIA की छापेमारी के खिलाफ PFI और SDPI के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।

राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर के नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी

पीएफआई के राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर के नेताओं के घरों पर छापेमारी हो रही है। राज्य समिति कार्यालय पर भी छापेमारी की जा रही है। संगठन ने एक बयान में कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए फासीवादी शासन  द्वारा एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल करने के कदमों का हम कड़ा विरोध करते हैं।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(PFI) क्या है?

पॉपुलर फ्रट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत में तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे। पीएफआई का दावा है कि इस वक्त देश के 23 राज्यों में यह संगठन सक्रिय है।

 

देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं। इसमें महिलाओं के लिए- नेशनल वीमेंस फ्रंट और विद्यार्थियों के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन शामिल हैं। यहां तक कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त एक दूसरे पर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए पीएफआई की मदद लेने का भी आरोप लगाती हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं।

जांच एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

इससे पहले 18 सितंबर को भी हुई थी छापेमारी
बता दें कि इससे पहले एनआईए की टीम ने 18 सितंबर को भी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 40 ठिकानों पर छापेमारी  की थी। इस दौरान चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनमें तेलंगाना-आंध्र के दो-दो लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि दोनों राज्यों में 23 से ज्यादा टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं।

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जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजू श्रीवास्तव का बुधवार सुबह निधन

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भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री के जाने-माने कॉमेडियन और एक्टर राजू श्रीवास्तव का बुधवार सुबह निधन हो गया। 58 साल के राजू लगभग 40 दिनों से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे और जिंदगी की जंग लड़ रहे थे। 10 अगस्त को दिल्ली के एक होटल में जिम में एक्सरसाइज करते हुए राजू गिर पड़े थे। उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था, जिसके बाद एम्स में भर्ती करवाया गया था। राजू डॉक्टरों की निगरानी में लगातार वेंटिलेटर पर थे।

उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव होता रहा था, मगर होश नहीं आया। हालांकि, परिवार और डॉक्टरों ने उम्मीद नहीं छोड़ी थी। राजू के निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर छा गयी है। चाहने वाले और दोस्त उन्हें याद करते भावुक हो रहे हैं और श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राजू अपने पीछे एक बेटी और एक बेटा छोड़ गये हैं। राजू भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में स्टैंडअप कॉमेडी के पुरोधा माने जाते थे। उन्होंने फिल्मों के साथ टीवी और कॉमेडी शोज में खूब काम किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताया शोक

राजू श्रीवास्तव के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने लिखा, राजू श्रीवास्तव ने हंसी, हास्य और सकारात्मकता के साथ हमारे जीवन को रोशन किया। वह हमें बहुत जल्द छोड़ देते हैं लेकिन वह वर्षों तक अपने समृद्ध काम की बदौलत अनगिनत लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उनका निधन दुखद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। शांति।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी का निधन बेहद दुखद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों एवं सभी प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएँ।

‘टीवी के राम’ अरुण गोविल ने दी राजू श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि

अरुण गोविल ने ट्वीट कर लिखा, एक महीने तक लगातार हॉस्पिटल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हमारे मित्र और कॉमेडी किंग राजू श्रीवास्तव आखिरकार ज़िंदगी की जंग हार गए, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, और उनके परिजनों को ये दुःख सहन करने की क्षमता दें। ॐ शांति।

परिवार ने की फेक खबरें न फैलाने की कही थी बात

राजू श्रीवास्तव के भर्ती होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की फेक खबरें सामने आ रहीं थीं। वहीं परिवार लगातार लोगों से जूठी खबरें फैलाने और उनपर यकीन न करने की बात कह रहा था।

चप्पल और सैंडल चालान: अब हो जाएं सावधान चप्पल या सैंडल पहन कर बाइक या स्कूटी चलाने पर कटेगा चालान

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चप्पल और सैंडल चालान: सड़क दुर्घटना (road accident) को कम करने के नियत से ट्रैफिक पुलिस (traffic police) कड़ाई से वाहनों की चेकिंग कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माना का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चलाते समय कुछ गलतियां हम अक्सर करते हैं, जिसके चलते हमें चालान का सामना करना पड़ता है। उनमें से ही एक गलती है दोपहिया चलाते समय सैंडल या फिर चप्पल का इस्तेमाल करना। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ऐसा करना दंडनीय अपराध है। आइये जानते हैं इसको लेकर नया रूल।

बाइक चलाते समय शूज पहना जरूरी

अगर आप सैंडल या चप्पल पहनकर स्कूटर या मोटरसाइकिल चलाते हैं तो सावधान हो जाइए। क्योंकि, मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार दोपहिया वाहन चलाते समय पैरों को ढक कर रखना चाहिए, ताकि दुर्घटना के दौरान ज्यादा कोई बड़ी समस्या न हो। बाइक चलाते समय अक्सर जूते का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि खुद की हिफाजत के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी न हो पाए।

सैंडल पहनकर बाइक चलाने पर इतने का कटेगा चालान

मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहन चलाते समय सैंडल और चप्पल का उपयोग पूर्ण रूप से वर्जित है। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसे कम से कम 1000 रुपये तक का चालान का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की गलतियां दोहराने पर ट्रैफिक पुलिस के पास लाइसेंस रद्द करने के प्रावधान भी हैं।

आपको जानकारी के लिए बता दें, ये कोई नया नियम नहीं है। ये नियम बहुत पहले से चलता आ रहा है। हालांकि, 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संसोधन के दौरान इस नियम पर फाइन चार्ज बढ़ गया था, जिसके बाद यह नियम चर्चा में बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- Uri Attack 2016: उरी में आज के ही दिन हुआ था कायराना हमला, हमले में सेना के 19 जवान बलिदान हो गए थे

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Uri Attack 2016: उरी में आज के ही दिन हुआ था कायराना हमला, हमले में सेना के 19 जवान बलिदान हो गए थे

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Uri Attack 2016: आज से ठीक छह वर्ष पहले 18 सितंबर 2016 की वो सुबह शायद ही आज तक कोई भारतवासी भूला हो जब पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Terrorist organization Jaish-e-Mohammed) के चार आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उड़ी में स्थित सेना के मुख्यालय पर कायराना हरकत करते हुए हमला कर दिया था। इस हमले में सेना के 19 जवान बलिदान हो गए थे लेकिन ठीक 10 दिनों के भीतर ही भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) को अंजाम देकर अपने जवानों के बलिदान का बदला ले लिया था।

भारतीय सेना की एक विशेष टीम पीओके में घुसकर न केवल आतंकियों को मौत की नींद सुलाकर आई बल्कि उनके ठिकानों को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए सकुशल लौट आई। भारत की इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान भी अवाक रह गया था। हालांकि पहले तो पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की थी लेकिन बाद में विश्वभर में अपनी किरकिरी होते देख पाकिस्तान ने भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की बात को कबूला था।

18 सितंबर 2016 का हमला

18 सितंबर को सुबह करीब 5.32 बजे थे कि अचानक पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों ने उड़ी में सेना के मुख्यालय पर हमला कर दिया। यह चारों आतंकी पाकिस्तानी सेना की मदद से एलओसी पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इन चारों आतंकियों ने सेना के मुख्यालय के समीप पहुंचते ही ग्रेनेडों की बौछार शुरू कर दी और देखते ही देखते कैंप में आग लग गई। भारतीय सेना के जवानों के साथ आतंकियों की मुठभेड़ छह घंटों से भी अधिक समय तक चली। इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 19 जवान बलिदान हो गए लेकिन चारों आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया था।

 

28-29 सितंबर की आधी रात को दुश्मन के घर घुसकर किया काम तमाम

सेना के जवानों के सीने में ही नहीं बल्कि सभी देशवासियों के सीने में गुस्से की आग धधक रही थी। हर कोई चाहता था कि भारतीय सेना के जवान पाकिस्तान की इस नापाक हरकत को मुंह तोड़ जवाब दें। हुआ भी ऐसा ही। उड़ी हमले के ठीक 10 दिन बाद पाकिस्तानी आतंकियों को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। इसके लिए सेना के विशेष कमांडोज को चिन्हित किया गया। उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक आपरेशन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। एनएसएस अजीत डोभाल की ओर से सेना को सभी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए थे। भारतीय सेना 28-29 सितंबर की आधी रात को पीओके में करीब चार किलोमीटर अंदर घुसकर 40 से अधिक आतंकियों और उनके नापाक ठिकानों को ध्वस्त कर सकुशल लौट आई। हालांकि इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक टीम में शामिल दो कमांडोज को मामूली चोटें भी आई थी।

बालीवुड में उड़ी द सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म बनाकर जांबाज जवानों को किया सलाम

भारतीय जवानों की इस जांबाजी का सिर्फ भारतवासी ही नहीं बल्कि भारत के प्रति स्नेह रखने वाला समूचा विश्व उसकी ताकत का कायल हो गया। बालीवुड में उड़ी द सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म बनाकर सभी के सामने पाकिस्तानी की काली करतूत को बड़े पर्दे भर दिखाया। आज भी अगर जब कभी हम सभी उड़ी द सर्जिकल सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म देखते हैं तो हमारी छाती फख्र से चौड़ी हो जाती है।

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Mohali University: मोहाली यूनिवर्सिटी की कुछ छात्राओं की नहाते हुए वीडियो वायरल, कई लड़कियों ने की खुदकुशी की कोशिश

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Mohali University video viral: मोहाली की नामी निजी यूनिवर्सिटी में शनिवार देर रात उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब हॉस्टल में रही एक छात्रा ने अन्य छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर शिमला में बैठे दोस्त के माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल करा दिए। जैसे ही छात्राओं को पता चला तो यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।

छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच एक छात्रा को दिल का दौरा पड़ गया, जबकि कुछ की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर मोर्चा संभाला। आरोपी छात्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

एसएसपी विवेकशील सोनी ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। एक लड़की की तबीयत बिगड़ी थी। जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के हास्टल में एक छात्रा रोजाना हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के वीडियो बनाती थी। वह उनके कपड़े बदलने या नहाने के समय ही यह वीडियो बनाती थी। जिसके बाद अपने दोस्त को भेजती थी। लड़कियां कुछ दिनों से उसे नोटिस कर रही थी। लेकिन शनिवार को लड़कियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

इसके बाद संस्थान के अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर लड़की से पूछताछ की गई । इस दौरान लड़की ने माना कि वह अपने दोस्त को वीडियो भेजती थी। वह अपने दोस्त के कहने पर ही सारी कार्रवाई को अंजाम देती थी।

सूत्रों की माने तो जब छात्राओं को पता चला कि उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं तो उनके होश उड़ गए। इस दौरान वीडियो देखकर एक छात्रा को तो दिल का दौरा पड़ गया। कुछ लड़कियों के सुसाइड के प्रयास की सूचना है। छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। मजबूरी में यूनिवर्सिटी के गेट तक बंद करने पड़े। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।

यूनिवर्सिटी में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। आरोपी छात्रा एमबीए फर्स्ट ईयर में पढ़ती है। एक छात्रा को हार्ट अटैक आया है बाकी कुछ छात्राओं को डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।